Aliens का धरती से है पुराना नाता, जल्द होगी एलियन और इंसानों की मुलाकात?
पूरी दुनिया में एलियन को लेकर तरह-तरह के सवाल उठते रहे हैं. यदि ये कहा जाए कि धरती से एलियंस का पुराना नाता है, तो शायद यकीन करने में हिचकिचाहट होगी. लेकिन एक प्लान सामने आ रहा है जिससे ये सवाल उठ रहे हैं कि इंसानी स्पेसक्राफ्ट Alien मेहमान से मिलने जाएगा?

नई दिल्ली: दूसरे ग्रह के प्राणियों के धरती से कनेक्शन को लेकर तरह-तरह के दावे किए जाते हैं. इसी कड़ी में एलियंस से जुड़ी कई सारी कहानियां काफी मशहूर हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि पृथ्वी से एलियंस का पुराना नाता है.
धरती पर आ चुके हैं एलियंस
एलियंस के अस्तित्व को लेकर दुनिया में तरह-तरह के दावे किए जाते रहे हैं. इसे लेकर वैज्ञानिकों के मत भी एक नहीं रहे हैं. हाल ही में एक दावा किया गया है कि सालों पहले एलियंस धरती पर आ चुके हैं.
सिर्फ इतना ही नहीं इस दावे में ये भी कहा गया है कि एलियंस यहीं रह रहे हैं, ऐसे में उन्हें खोजने के लिए इंसानों को दूसरे ग्रह पर जाने की कोई आवश्यकता नहीं है.
एक UFO शोधकर्ता ने ऐसा दाला किया है कि एलियंस धरती पर आ गए हैं. उन्होंने एक वीडियो के जरिए अपने दावे को सही ठहराने की कोशिश भी की.
UFO शोधकर्ता ने पेश किए सबूत
ताइवान के शोधकर्ता सी वारिंग ने गूगल मैप के जरिए पृथ्वी पर एलियंस होने के सबूत पेश किए हैं. सी वारिंग ने इसका वीडियो YouTube चैनल UFO Sightings Daily पर साझा किया है. उन्होंने ये कहा है कि इस Fact को छिपाकर रखा गया.
ताइवान के इस शोधकर्ता ने दावा किया कि गूगल मैप में कुछ नया नजर आया. इसी के बाद वो जब मैप को पीछे ले गए, तो अंटार्कटिका में बर्फ पर बड़ी-बड़ी लकीरें देखीं. सी वारिंग ने बताया कि ये लकीरें दशकों पुरानी हो सकती हैं.
वीडियो देखिए-
जल्द होगा इंसानों और एलियंस का मिलन?
हाल ही में ये जानकारी सामने आई थी कि हमारे अंतरिक्ष में सिगार के आकार का एलियन मेहमान चक्कर लगा रहा है. बताया जा रहा है कि इसका नाम ओउमुआमुआ (Oumuamua) है. ये वैज्ञानिकों के लिए चर्चा का मुद्दा बना हुआ है.
इसकी जांच के लिए हर कोई इच्छुक है, लेकिन इसके पास स्पेसक्राफ्ट भेजने में काफी समय लग सकता है.
इंग्लैंड में स्थित एक नॉन-प्रॉफिट कंपनी इंस्टीट्यूट फॉर इंटरस्टेलर स्टडीस (i4is) ने ओउमुआमुआ के पास स्पेसक्राफ्ट भेजने की इच्छा जाहिर की है. इसके लिए प्लानिंग उसी दिन हो गई थी, जब ये दिखा था. कंपनी के इस मिशन का नाम प्रोजेक्ट लाइरा (Project Lyra) दिया है.
स्टडी के मुताबिक यदि 2028 तक स्पेसक्राफ्ट भेजा जाता है तो 26 साल बाद यानी 2054 तक वह एलियन पत्थर तक या उसके पास पहुंच सकेगा. बता दें, ओउमुआमुआ (Oumuamua) का आकार 1300 से 2600 फीट लंबा माना जा रहा है.
कोरोना काल में भी देखे गए एलियंस
जब से दुनिया में कोरोना ने दस्तक दी, तभी से अंतरिक्ष से आने वाली रहस्यमय वस्तुओं का आवागमन ज्यादा हो गया है. जिसके बाद ये सवाल उठने लगा कि इसका कारण क्या है?
वर्ष 2020 में बेल्जियम के अखबार द टेलीग्राफ के मुताबिक वहां मार्च के महीने में यूएफओ देखने की 87 घटनाएं हुईं. वहां इस साल के शुरुआती तीन महीनों में 188 बार यूएफओ देखे गए. वहां पर एलियन शिप पश्चिम से पूरब की ओर जाते देखे गए.
बेल्जियम के यूएफओ रिपोर्टिंग सेन्टर के अधिकारी फ्रेडरिक डिलारेस के मुताबिक ‘कोरोना के दौरान लॉकडाउन के समय आसमान साफ हो गया है. जिसके बाद यूएफओ देखे जाने की घटनाएं बेहद ज्यादा बढ़ गई हैं.’
30 May, 2020 को नासा के ISS (इंटरनेशनल स्पेस सेन्टर) से स्पेस-एक्स रॉकेट की लांचिंग चल रही थी. इस दौरान लगातार लाइव स्ट्रीमिंग चल रही थी.
इस बीच अचानक रहस्यमय रोशनी सी चमकी जो धरती की कक्षा से बाहर अंतरिक्ष में जाती हुई दिखी.
वह चमकती हुई रोशनी नासा के अंतरिक्ष स्टेशन(ISS)के नीचे से होकर निकल गई और गहरे अंतरिक्ष में गुम हो गई. यह साफ तौर पर एलियन शिप के देखे जाने की ही घटना थी. इस पूरे घटनाक्रम को आप भी नीचे दिए गए वीडियो में देख सकते हैं.
25 मई, 2020 को अमेरिका के नॉराड मिलिट्री बेस के निकट कोलेराडो स्प्रिंग्स के पास आसमान में रहस्यमय सफेद रंग की वस्तु दिखाई दी थी. इसके पहले 7 मई, 2020 को अमेरिका के कैलिफोर्निया में आसमान में सिगार जैसे आकार का एलियन शिप दिखाई दिया था.
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ये घटनाएं महज बानगी हैं. इनके अलावा भी एलियन शिप देख जाने और उनके संदेश पढ़ने की कई घटनाएं सामने आ चुकी हैं. सबसे बड़ी बात ये कि एलियंस या यूएफओ मानव के लिए खतरनाक हैं या मित्र. अभी इस बात से भी पर्दा उठना बाकी है.
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