भारत-चीन सीमा पर निगरानी रखते हैं एलियंस! लोगों की एंट्री है बैन

भारत और चीन के बीच बॉर्डर को लेकर हमेशा से विवाद रहा है। लेकिन इन दोनों देशों की सीमाओं के बीच एक ऐसी जगह है, जहां पर इनकी सोच एक जैसी है। इस जगह का नाम ‘कोंगका ला पास’ है। दरअसल, दोनों देशों ने सामान्य लोगों को इस जगह पर आने से प्रतिबंधित कर रखा है। एलियन हंटर्स इसकी वजह यूएफओ को बताते हैं। कई बार देश में नजर आ चुके हैं एलियंस…
भारत के किसी हिस्से में एलियंस के आने-जाने का मामला पहली बार सामने नहीं आया है। इसके पहले भी कई अलग-अलग हिस्सों में एलियंस के यूएफओ दिखाई दे चुके हैं। पहली बार 1951 में दिल्ली में, 1954 में बिहार और 2007 में कोलकाता में यूएफओ सेटेलाइट देखा गया था। हालांकि, कभी किसी साइंटिस्ट ने इन घटनाओं की पुष्टि नहीं की है।
स्थानीय लोग करते हैं उड़न तश्तरी देखे जाने का दावा
इंडो-चीन बॉर्डर पर स्थित कोंगका दर्रे को यूएफओ बेस के तौर पर जाना जाता है। जिसके ऊपर दोनों ही देश लंबे अरसे से शोध में लगे हुए हैं। भारतीय इस जगह को लद्दाख और चाइनीज इसे अक्साई चीन के नाम से जानते हैं। जबकि पूरी दुनिया इसे निर्जन जगह के नाम से जानती है। यहां की खासियत है कि इस इलाके में कोई पेट्रोलिंग नहीं होती है। इलाके में रहने वाले लोग कहते हैं कि यहां यूएफओ बेस है जिसकी जानकारी और परमिट होने के बाद भी यहां टूरिस्ट जाने पर पाबंदी है।
एलियंस हंटर्स का कहना है कि यहां रहने वाले लोगों ने कई बार पहाड़ के ऊपर यूएफओ को उड़ते हुए देखा है। हालांकि, जानकार इन बातों को नहीं मानते हैं। उनके मुताबिक यह विवादित क्षेत्र बहुत ही दुर्गम और कठिनाइयों से भरा है, इसलिए यहां यूएफओ का बेस हो ही नहीं सकता। वहीं, शोधकर्ता इस क्षेत्र में मिले कुछ ऐसे चिह्नों को प्रमाण के तौर पर दिखाते हैं, जिन्हें देखकर लगता है कि यहां पर एलियन अपने उड़नतश्तरी से आते-जाते रहे हैं।
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